केस 1: बाड़मेर — विधवा परिवार
श्रीमती संतोष देवी, 52 वर्ष, बाड़मेर के एक गाँव की निवासी। पति की मृत्यु के बाद 2019 में AAY कार्ड के लिए आवेदन। प्रारंभ में आय प्रमाण न होने से अस्वीकृत, बाद में पटवारी से सत्यापित घोषणा देकर 47 दिन में स्वीकृत। आज वे प्रतिमाह 35 किलो गेहूँ प्राप्त करती हैं।
केस 2: डूंगरपुर — आदिवासी परिवार
एक भील जनजाति परिवार का e-KYC अंगूठा न पढ़े जाने से रुका था। आइरिस सत्यापन से समाधान हुआ। सीख: यदि बायोमेट्रिक न पढ़े तो विकल्प माँगें — हार न मानें।
केस 3: जयपुर शहरी — प्रवासी मज़दूर
जोधपुर का परिवार जयपुर में काम करता है। ONORC के तहत जयपुर की ePoS दुकान से ही प्रतिमाह राशन लेता है। ‘मेरा राशन’ ऐप से दुकान चुनाव सरल हुआ।